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दोस्त की बातों से उत्सुकता जागी

मैं घर में बैठकर अपने ऑफिस का काम कर रहा था, उस दिन रविवार का दिन था मेरे दोस्तों ने मुझे फोन किया कि कहीं घूमने चलते हैं लेकिन मैंने उन्हें मना कर दिया था क्योंकि मुझे अपने ऑफिस का काम करना था, मेरे मम्मी पापा भी अंदर रूम में बैठे हुए थे और आपस में बात कर रहे थे मेरा छोटा भाई शक्ति अपने मोबाइल पर लगा हुआ था, गर्मी भी काफी हो रही थी तभी दरवाजे पर कोई बड़ी तेजी से खटखटा रहा था मैंने मम्मी से कहा कि जरा आप देख लीजिए कि दरवाजे पर कौन है, मेरी मम्मी दरवाजे पर गई तो उन्होंने जैसे ही दरवाजे को खोला तो पांच लोग दरवाजे पर खड़े थे और वह मेरी मम्मी से बड़ी बदतमीजी से बात कर रहे थे मैंने उनसे पूछा कि आखिर तुम्हारी समस्या क्या है तो वह लोग कहने लगे हमें तुम्हारे भाई से मिलना है। मुझे तो कुछ कहानी समझ में नहीं आई लेकिन मुझे यह तो समझ आ चुका था कि दाल में जरूर कुछ काला है इसलिए मैंने उन्हें कहा कि वह घर पर नहीं है, मैंने जब पीछे पलट कर देखा तो शक्ति ने भी दरवाजा अंदर से बंद कर लिया था, बड़ा होने के कारण मुझे ही अब सारे मामले को संभालना था।

मैंने उनसे पूछा आखिरकार बात क्या है तो वह लोग कहने लगे कि तुम्हारा छोटा भाई हमारी बहन के पीछे पड़ा है उसे तुम समझा देना कि वह दोबारा से उसकी तरफ पलट कर भी ना देखे नहीं तो हम लोगो से बुरा कोई नहीं होगा। वह लोग बहुत गुस्से में थे जैसे कैसे मैंने मामले को शांत करवाया, उसके बाद वह लोग वहां से जा चुके थे मुझे भी पूरे मामले की कहानी समझ आ चुकी थी मैंने शक्ति के दरवाजे को खटखटाया तो उसने दरवाजा खोल दिया, मैंने उससे पूछा देखो शक्ति तुम मेरे छोटे भाई हो तुम मुझे सच बताओगे तो मैं तुम्हारी मदद करूंगा लेकिन तुम मुझसे कुछ भी मत छुपाना, वह कहने लगा भैया मैं आपको बताना ही चाहता था लेकिन मैं आपको बता नहीं पाया, मैंने उससे पूछा आखिरकार तुम मुझे क्या बताना चाहते थे तो शक्ति कहने लगा मैं आपको शालिनी के बारे में बताना चाहता था, मैंने शक्ति से कहा शालनी वही लड़की है ना जिसके परिवार वाले हमारे घर पर आए थे, वह कहने लगा हां वह उसके परिवार वाले ही थे। शक्ति ने मुझे सारी कहानी बताई और कहां की शालिनी और मैं एक दूसरे से प्रेम करते हैं लेकिन उसके पिता और उसके भैया हम दोनों के रिश्ते को कभी स्वीकार नहीं करेंगे इसीलिए वह लोग मुझे ढूंढ रहे हैं, कुछ दिनों पहले शालिनी ने मेरे बारे में अपने घर पर बता दिया था तब से उन लोगों ने शालिनी का मुझसे मिलना भी बंद कर दिया है ना ही वह मुझसे बात कर पा रही है और ना ही अब उसका फोन लग रहा है।

मैंने शक्ति से कहा देखो शक्ति तुम उस लड़की को भूल जाओ उसके परिवार वाले मुझे कुछ ठीक नहीं लगे, वह कहने लगा भैया मैं उसे नहीं भूल सकता आखिरकार मैंने उससे प्यार किया है और भला मैं कैसे उसे भूल जाऊं। मुझे तो कुछ ठीक नहीं लग रहा था लेकिन मैं शक्ति के चेहरे पर उदासी नहीं देख सकता था इसलिए मुझे ही सब कुछ ठीक करना था, मैंने शक्ति से कहा तुम मुझे शालिनी का नंबर दे दो और मुझे यह बताओ कि शालिनी के घर पर कौन-कौन है, उसने मुझे बताया कि शालिनी के दो बड़े भैया हैं और एक बहन है, शालिनी घर में सबसे छोटी है। मैंने शक्ति से शालिनी की तस्वीर और उसकी बहन की फोटो भी ले ली, उसके भाइयों से बात कर के तो कोई मतलब नहीं था इसलिए मैंने उसकी बहन से बात करने की सोची, मैंने उसकी बहन का नाम और नंबर ले लिया उसकी बहन का नाम रेखा है और वह किसी मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करती है। मैंने भी धीरे धीरे रेखा से दोस्ती करनी शुरू कर ली, जब हम दोनों अच्छे दोस्त हो गए तो मैंने एक दिन रेखा से मिलने की सोची, मैं उससे पहले उससे सिर्फ फोन पर ही बात करता था, मैं जब रेखा से मिला तो मैंने उस दिन शक्ति और शालिनी के बारे में कुछ नहीं कहा लेकिन जब हम दोनों की मुलाकात ज्यादा होने लगी तो शालनी की बात भी बीच में आ गई, मैं किसी भी तरीके से रेखा को कन्वेंस करना चाहता था।

एक दिन जब मैंने रेखा से कहा कि शक्ति मेरा छोटा भाई है तो वह मुझ पर बहुत गुस्सा हुई और कहने लगी आज के बाद मैं कभी तुमसे बात नहीं करूंगी, मैंने रेखा को बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन वह समझने को तैयार नहीं थी पर मैं किसी भी हालत में उसे समझाना चाहता था, काफी समय तक हम लोगों की बातें नहीं हुई मैं उसे फोन करता तो वह मेरा फोन नहीं उठाती, एक दिन वह मुझे शॉपिंग मॉल में मिली, मैंने उसे आवाज देते हुए रोका और कहा मुझे तुमसे बात करनी है, उस दिन वह रुक गई और कहने लगी देखो रोशन मैं तुम्हें अच्छा लड़का समझती थी, मैंने उससे कहा मेरी मंशा कुछ भी गलत नहीं थी मैं सिर्फ शक्ति और शालिनी को मिलाना चाहता हूं वह दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं। रेखा मेरी बात सुनने को तैयार नहीं थी मैंने उसे कहा यदि तुम मेरे साथ कुछ देर बैठ जाओ तो मैं तुम्हें सारी बात समझा दूंगा, रेखा को भी पूरी बात पता नहीं थी मैंने जब शक्ति से उसकी फोन पर बात कराई तो शक्ति ने उसे सारी बात बताई, शालिनी तो अपने घरवालों की वजह से चुप थी और उसने किसी को भी अपने और शक्ति के बारे में नहीं बताया था, रेखा को यह लग रहा था कि शायद शक्ति उसके पीछे पड़ा हुआ है लेकिन जब उसे पता चला कि शालिनी और शक्ति के बीच में प्रेम संबंध है तो उसने उन दोनों को मिलाने की सोच ली और एक दिन शालिनी और शक्ति को उसने मिलाने में मेरी बहुत मदद की।

जब वह दोनों एक दूसरे से मिले तो वह दोनो एक दूसरे के गले लग गए यह देख कर मैं भी भावुक हो गया और शक्ति के चेहरे पर भी बहुत खुशी थी, शालिनी भी बहुत खुश थी लेकिन हमारे सामने यह समस्या थी कि आखिरकार शालिनी के परिवार को कैसे समझाया जाए, रेखा ने कहा यह सब मैं देख लूंगी। उसने उन दोनों को आश्वासन दिया तो वह दोनों बहुत खुश हो गए उन दोनों की वजह से शायद रेखा और मेरे बीच में भी प्यार पनप गया, रेखा मुझे बहुत अच्छा मानती है और मेरी बहुत ही इज्जत भी करती है लेकिन यह बात हम दोनों ने किसी से नहीं कहीं यह बात हम दोनों ने सिर्फ अपने तक ही सीमित रखी थी मैं तो बहुत खुश था और मेरी खुशी का कारण सिर्फ रेखा ही थी, मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि उसके साथ मेरा प्रेम प्रसंग चलेगा। हमारे रिलेशन को काफी समय हो चुका था अब हम दोनों एक दूसरे से खुलकर बातें करने लगे थे। एक दिन मेरे दोस्त ने मुझे अपनी गर्लफ्रेंड के साथ अपनी रोमांटिक तस्वीर दिखाइ उस दिन मुझे भी एहसास हुआ कि मुझे रेखा के साथ भी रोमांस करना चाहिए और इसके चलते मैंने उसी रात रेखा को फोन किया और रेखा से इस बारे में बात की। रेखा मुझसे कहने लगी मैं यह सब नहीं कर सकती लेकिन मैंने उसे मना लिया है और अगले ही दिन हम दोनों जब मिले तो मैं उसे एक सुनसान जगह पर लेकर चला गया और वहां पर मैंने उसके बदन को निहारना शुरू कर दिया। मैं उसके बदन के हर एक हिस्से को अपने हाथों से दबा था और उसके बदन की गर्मी को महसूस करता जब मैंने उसकी चूत के अंदर उंगली डाली तो उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया था। मैंने बिल्कुल देर नहीं की और उसे घोडी बनाते हुए उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दिया मेरा लंड उसकी चूत के अंदर गया तो उसे बड़ा दर्द हो रहा था परंतु मुझे उसे चोदने में बहुत मजा आ रहा था। मैं जब उसे धक्के मारता तो वह मुझे कहती तुमने तो आज मेरे साथ अपनी सेक्सी की इच्छा पूरी कर ली मैंने उसे कहा लेकिन तुम्हें भी तो अच्छा लग रहा होगा। वह कहने लगी हां मुझे अच्छा लग रहा है परंतु मुझे बहुत दर्द हो रहा है। मैं जब उसे धक्के दे रहा था तो उसके मुंह से जो सिसकियां निकल रही थी उनसे मैं उत्तेजित हो जाता। मै ज्यादा समय तक रेखा के साथ सेक्स नहीं कर पाया मैं उसके साथ सिर्फ 3 मिनट तक सेक्स कर पाया पर 3 मिनट के दौरान उसने जो मजा मुझे दिया वह मेरे लिए किसी सपने से कम नहीं था मुझे उस दिन बड़ा मजा आया। हम दोनों के बीच अक्सर रोमांटिक बात होती रहती है अब हम दोनों भी अपनी शादी के सपने देखने लगे हैं।

मेरा रेखा से शादी कर पाना बहुत मुश्किल था क्योंकि यदि मैं रेखा के परिवार से इस बारे में बात करता तो मुझे इस बात का डर था कि कहीं वह लोग मुझे मना ना कर दें इसलिए इस बारे में मैंने रेखा से कहा, रेखा कहने लगी ठीक है हम लोग इस बारे में घर में बात करते हैं। रेखा ने भी घर में बात करने की सोची लेकिन जब तक वह बात करती उससे पहले ही उसके पिता ने रेखा से कहा की कुछ दिनों पहले एक लड़की घर से भाग गई थी, कहीं तुम लोग भी तो ऐसा नहीं करने वाले। उस रात रेखा ने मुझे फोन किया और कहने लगी पिता जी से आज यह बात करना मुझे बिल्कुल सही नहीं लगा मुझे नहीं लगता कि मेरे अंदर इतनी हिम्मत नही थी कि मैं उनसे बात कर पाऊं इसीलिए मैंने उनसे बात नहीं की। रेखा बहुत ज्यादा घबरा गई थी परंतु मैंने उसे समझाया तो उसके अंदर थोड़ी हिम्मत आ गई, हम दोनों एक दूसरे के बिना रह नहीं सकते थे इसलिए एक दिन मैंने घूमने का प्लान बना लिया, रेखा कहने लगी कि हम लोग घूमने कहां जा रहे हैं? मैंने रेखा से कहा तुम बस चुप रहो और मेरे साथ घूमने के बारे में सोचो, वह कहने लगी लेकिन मैं क्या बहाना बनाऊंगी, मैंने रेखा से कहा यह तो तुम्हें सोचना है कि तुम मेरे साथ कैसे आओगी। रेखा ने हिम्मत करते हुए अपने घर पर बात कर ली और वह मेरे साथ घूमने के लिए तैयार हो गई वह मेरे साथ आई तो हम दोनों बहुत खुश थे और रेखा का साथ पाकर तो मेरी जैसी इच्छा पूरी हो गई थी, हम दोनों ने उस टूर में बहुत इंजॉय किया और एक दूसरे के साथ बहुत अच्छा समय बिताया।


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